आईटीआर कैसे फाइल करें — आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिटर्न भरता करदाता

Sumi Maity

आईटीआर कैसे फाइल करें: ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन रिटर्न

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आईटीआर कैसे फाइल करें — आधिकारिक तरीका आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर लॉगिन कर ऑनलाइन रिटर्न भरना (या ऑफलाइन यूटिलिटी से JSON अपलोड) और फिर ई-वेरिफाई करना है। नीचे स्टेप्स, AIS/प्रीफिल जाँच, फॉर्म चुनाव, टैक्स पे और आम गलतियाँ दी गई हैं; नियत तिथि व फॉर्म नियम हर निर्धारण वर्ष बदल सकते हैं—पोर्टल अधिसूचना मानें।

आईटीआर कैसे फाइल करें — तैयारी चेकलिस्ट

आवश्यक क्यों
पैन + आधार लिंक लॉगिन और कई सेवाओं के लिए
ई-फाइलिंग अकाउंट पैन = यूजर आईडी
Form 16 / 16A, बैंक ब्याज आय मिलान
AIS / TIS / 26AS प्रीफिल व टीडीएस जाँच
निवेश प्रमाण (80C आदि) कटौती दावा (पुरानी व्यवस्था चुनें तो)
प्री-वैलिडेटेड बैंक खाता रिफंड के लिए

नया यूजर हो तो पोर्टल पर Register करें; पासवर्ड रीसेट आधार OTP से संभव है। रिफंड खाता पहले से Validate कर लें। फॉर्म 16 न मिले तो नियोक्ता ट्रैसर/पोर्टल से माँगें; मल्टीपल जॉब हों तो सभी नियोक्ताओं की पर्ची जोड़ें। बचत खाता ब्याज के लिए बैंक सर्टिफिकेट या पासबुक एंट्री रखें—छोटा ब्याज भी AIS में आ सकता है।

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ऑनलाइन ई-फाइलिंग के चरण

  1. e-Filing portal पर पैन और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  2. e-File → Income Tax Returns → File Income Tax Return चुनें (या डैशबोर्ड का File Now)।
  3. सही Assessment Year और Online मोड चुनें।
  4. स्टेटस (Individual आदि) और लागू ITR फॉर्म चुनें—सैलरी+ब्याज के लिए अक्सर ITR-1, पूंजीगत लाभ/एक से अधिक मकान आदि पर अन्य फॉर्म।
  5. व्यक्तिगत जानकारी, शासन (नई/पुरानी कर व्यवस्था) और बैंक विवरण जाँचें।
  6. प्रीफिल आय संपादित करें; Form 16 और AIS से मिलाएँ।
  7. कटौतियाँ/छूट भरें; टैक्स गणना देखें—बकाया हो तो e-Pay Tax से चुकाकर चালान लिंक करें।
  8. Preview → Validation त्रुटियाँ शून्य करें → Submit।
  9. निर्धारित अवधि में e-Verify (आधार OTP / EVC आदि) पूरा करें—बिना वेरिफाई रिटर्न अधूरा माना जाता है।
eportal.incometax.gov.in पर आईटीआर सबमिट और ई-वेरिफाई करता उपयोगकर्ता
सबमिट के बाद Acknowledgement (ITR-V) सेव करें; ई-वेरिफाई समय सीमा पोर्टल पर देखें।

AIS, प्रीफिल और फॉर्म चुनाव

AIS / TIS में ब्याज, शेयर, टीडीएस जैसी एंट्री दिखती हैं। गलत हों तो AIS में फीडबैक दें; केवल अनदेखा करके रिटर्न न भरें। प्रीफिल सुविधा है—अंतिम जिम्मेदारी करदाता की।

गलत ITR फॉर्म चुनने पर रिटर्न defective हो सकता है। पूंजीगत लाभ, बिजनेस आय, विदेशी संपत्ति या साझेदारियों पर सरलतम फॉर्म न चुनें। पोर्टल सुझाव को अपने दस्तावेज़ों से क्रॉस-चेक करें।

नई कर व्यवस्था कई वर्षों में डिफ़ॉल्ट रही है; पुरानी व्यवस्था के लिए पोर्टल पर opt-out / संबंधित फॉर्म निर्देश पढ़ें। बिजनेस आय वालों के नियम अलग हो सकते हैं।

हाउस प्रॉपर्टी किराया, क्रिप्टो/वर्चुअल डिजिटल एसेट या विदेशी आय हो तो संबंधित शेड्यूल खाली न छोड़ें। क्लबिंग और छूट दावों के दस्तावेज़ तीन–छह साल सुरक्षित रखें—नोटिस आने पर काम आते हैं। ड्राफ्ट सेव कर बीच में ब्रेक ले सकते हैं; अंतिम सबमिट से पहले सभी टैब Confirm करें।

ऑफलाइन JSON तरीका (संक्षेप)

  • Downloads से लागू ITR यूटिलिटी लें, प्रीफिल JSON इम्पोर्ट करें।
  • फॉर्म भरकर JSON जेनरेट करें और पोर्टल पर अपलोड करें।
  • जटिल रिटर्न या बड़ी एंट्री के लिए उपयोगी; अंत में ई-वेरिफाई जरूरी। यूटिलिटी उसी निर्धारण वर्ष की डाउनलोड करें।

नियत तिथि, विलंब और रिवाइज्ड रिटर्न

  • वेतन/साधारण व्यक्तिगत रिटर्न की नियत तिथि अक्सर 31 जुलाई के आसपास होती है—वर्ष की अधिसूचना देखें।
  • ऑडिट/व्यवसाय केस की तिथियाँ अलग हो सकती हैं।
  • देर से फाइल करने पर विलंब शुल्क लग सकता है; ब्याज भी जुड़ सकता है।
  • गलती दिखे तो समय सीमा में Revised Return दाखिल करें।

विस्तृत नियत तिथियाँ वित्त अधिनियम/सीबीडीटी अधिसूचना से तय होती हैं—ब्लॉग की पुरानी तारीख पर निर्भर न रहें। ऑडिट वाले केस में रिपोर्ट अपलोड डेडलाइन अलग हो सकती है। छूट दावों के बिल उसी वित्तीय वर्ष के रखने चाहिए।

आम गलतियाँ और सुरक्षा

  • पैन–आधार अनलिंक / गलत बैंक IFSC।
  • 26AS से अधिक/कम टीडीएस क्रेडिट।
  • बिना ई-वेरिफाई छोड़ देना।
  • केवल आधिकारिक incometax.gov.in इस्तेमाल करें; OTP वॉट्सऐप पर न दें।

CA/सॉफ्टवेयर मदद ले सकते हैं, पर लॉगिन क्रेडेंशियल खुद नियंत्रित रखें। दोबारा लॉगिन कर View Filed Returns से स्थिति, दोषपूर्ण रिटर्न नोटिस और रिफंड ट्रैक देखें। ईमेल/SMS लिंक की डोमेन जाँच बिना क्लिक न करें। कंपनी टीडीएस और एडवांस टैक्स चालान दोनों 26AS में दिखने चाहिए—अंतर हो तो नियोक्ता/बैंक से सुधार करवाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बिना CA के सरल सैलरी केस?
पोर्टल ऑनलाइन फ्लो पर्याप्त हो सकता है; जटिल आय पर विशेषज्ञ सलाह लें।

कौन सा फॉर्म चुने?
आय के प्रकार से—निर्देशिका/पोर्टल हेल्प देखें; सिर्फ “आसान” चुनकर गलत फॉर्म न लें।

ई-वेरिफाई कितने दिन में?
सबमिट के बाद पोर्टल की बताई अवधि में (अक्सर कुछ सप्ताह के भीतर)—अधिसूचना जाँचें।

रिफंड कब आता है?
प्रोसेसिंग और बैंक वैलिडेशन पर निर्भर; View Filed Returns से ट्रैक करें।

क्या पेपर ITR चलता है?
अधिकांश करदाताओं के लिए ई-फाइल अनिवार्य/प्राथमिक है—अपनी श्रेणी के नियम पढ़ें।

पासवर्ड भूल जाएँ?
पोर्टल Forgot Password → आधार/डीएससी विकल्प से रीसेट।

निष्कर्ष

आईटीआर कैसे फाइल करें: पोर्टल पर सही वर्ष व फॉर्म चुनें, AIS/Form 16 मिलाएँ, टैक्स चुकाएँ, सबमिट कर ई-वेरिफाई करें। नियत तिथि और शासन विकल्प हर वर्ष अपडेट होते हैं—स्रोत हमेशा आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल को मानें। रसीद PDF अपने पास रखें।


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