पीएम आवास योजना के तहत पक्का घर बनाने के लिए केंद्र सरकार ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U) दोनों धाराएं चलाती है — ज्यादातर लोग सबसे पहले यही पूछते हैं कि लिस्ट में नाम है या नहीं और किश्त कितनी आई। ग्रामीण सूची pmayg.dord.gov.in पर और शहरी स्थिति संबंधित PMAY Urban पोर्टल पर देखी जाती है। इस लेख में दोनों जगह नाम कैसे खोजें, किश्त/निर्माण स्थिति क्या मतलब रखती है, और नाम न दिखे तो आगे क्या करें — साफ चरणों में समझिए।
पीएम आवास योजना — मुख्य बिंदु
| धारा | पोर्टल / क्या देखें |
|---|---|
| ग्रामीण (PMAY-G) | pmayg.dord.gov.in — लाभार्थी खोज / रिपोर्ट |
| शहरी (PMAY-U) | pmaymis.gov.in / pmay-urban.gov.in — आवेदन–लाभार्थी खोज |
| खोज के तरीके | रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार, या राज्य–जिला–ब्लॉक–पंचायत |
| दिखने वाला विवरण | नाम, मंजूरी, किश्त राशि, घर की स्थिति, जियो-टैग |
| शुल्क | लिस्ट/स्टेटस देखना निःशुल्क |
| नया चयन | पंचायत / नगर निकाय सर्वे व आधिकारिक प्रतीक्षा सूची से |
ग्रामीण लिस्ट में नाम कैसे देखें?
- आधिकारिक साइट pmayg.dord.gov.in खोलें (पुराना pmayg.nic.in भी अक्सर यहीं पहुंचता है)।
- मेन्यू में Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर हो तो सीधे डालकर Submit करें।
- नंबर न हो तो Advanced Search खोलें — राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत और नाम/आधार से खोजें।
- परिणाम में मंजूरी संख्या, स्वीकृत राशि, किश्त भुगतान और घर की स्थिति दिखेगी।
पंचायत-वार पूरी सूची रिपोर्ट सेक्शन (Physical Progress / Beneficiary details for verification) से भी निकलती है — गांव चुनकर पीडीएफ/टेबल देख सकते हैं। नाम मिलते ही रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें; अगली बार खोज आसान हो जाती है।

शहरी आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
शहर/कस्बे के आवेदक PMAY Urban पोर्टल पर Beneficiary Search या Application Status से स्थिति जांचते हैं — आधार या आवेदन संख्या से। योजना के घटक (जैसे लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी आदि) शहर की अधिसूचना पर निर्भर करते हैं। लिस्ट में “अप्रूव्ड” दिखने के बाद भी बैंक लोन या निर्माण प्रगति अलग चरण होते हैं — केवल नाम आने से घर अपने आप शुरू नहीं होता। नगर निगम/नगर पालिका के पीएमएवाई सेल से फाइल नंबर पूछना सबसे पक्का तरीका है।
किश्त और घर की स्थिति का मतलब
- Sanctioned: सहायता मंजूर — बैंक खाता और आधार लिंक सही रखें।
- Installment paid / released: उस चरण की राशि खाते में भेजी जा चुकी / जारी है।
- Geo-tag / house status: निर्माण की तस्वीरें और चरण (नींव, लिंटल, पूरा घर) अपडेट होते हैं — गलत जगह निर्माण पकड़े जाने पर किश्त रुक सकती है।
- Waiting / permanent wait list: अभी बारी नहीं आई; धैर्य रखें और पंचायत बैठक की जानकारी लेते रहें।
खाता आधार से सीडेड न हो या नाम मेल न खाए तो किश्त अटकती है — बैंक में सुधार कराकर बीडीओ/पंचायत को सूचित करें।
नाम लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
निजी वेबसाइट पर फॉर्म भरने से नाम नहीं जुड़ता। ग्रामीण क्षेत्र में पात्रता आमतौर पर सामाजिक–आर्थिक सर्वे/पंचायत सिफारिश और विभाग की प्रतीक्षा सूची से तय होती है। अपने ग्राम सचिव, सरपंच या ब्लॉक कार्यालय में लिखित आवेदन दें और रसीद रखें। शहरी क्षेत्र में नगर निकाय के आवास/पीएमएवाई काउंटर पर अपील या नए सर्वे की जानकारी लें। पैसे लेकर “लिस्ट में नाम लिखवाने” का वादा ठगी है — चयन आधिकारिक प्रक्रिया से ही होता है।
आवेदन और दस्तावेज — संक्षेप
नए सर्वे के समय आधार, राशन कार्ड/परिवार आईडी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट फोटो और निवास प्रमाण आमतौर पर मांगे जाते हैं। जो पहले से स्वीकृत हैं उन्हें नई “आवेदन” की जरूरत किश्त के लिए नहीं, बल्कि खाता/मोबाइल सुधार की पड़ सकती है। योजना से जुड़ी अन्य सुविधाओं (शौचालय, बिजली कनेक्शन) के लिए अलग विभागों के फॉर्म लग सकते हैं — भ्रमित न हों। फॉर्म भरने की सामान्य सावधानियां हमारे सरकारी फॉर्म गाइड जैसी ही लागू होती हैं: आधिकारिक .gov.in लिंक, ओटीपी साझा न करें।
ठगी से बचाव
- लिस्ट केवल pmayg.dord.gov.in या आधिकारिक अर्बन पोर्टल से देखें।
- “नई लिस्ट PDF व्हाट्सऐप पर” भेजने वाले अक्सर पुरानी/नकली फाइलें घुमाते हैं।
- किश्त दिलाने या जियो-टैग ठीक कराने के नाम पर नकद न दें।
- संदेह हो तो हेल्पलाइन/जिला ग्रामीण विकास एजेंसी से पुष्टि करें।
आधिकारिक स्रोत
- पीएमएवाई–ग्रामीण — pmayg.dord.gov.in
- पीएमएवाई अर्बन संबंधित पोर्टल — pmaymis.gov.in
- ग्रामीण विकास मंत्रालय — rural.nic.in
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पीएम आवास योजना लिस्ट कहां देखें?
ग्रामीण नाम pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary से; शहरी स्थिति PMAY Urban पोर्टल की Beneficiary Search से देखें।
रजिस्ट्रेशन नंबर बिना नाम कैसे खोजें?
Advanced Search में राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत चुनकर नाम या आधार से खोजें।
किश्त खाते में कब आती है?
निर्माण के निर्धारित चरण पूरे होने और जियो-टैग/सत्यापन के बाद — पोर्टल पर installment status देखें।
क्या पैसे देकर नाम लिस्ट में लिखा जा सकता है?
नहीं — चयन आधिकारिक सर्वे और प्रतीक्षा सूची से होता है; पैसे मांगने वाला ठग है।
संबंधित लेख
- आयुष्मान कार्ड: डाउनलोड और ई-केवाईसी
- राशन कार्ड राजस्थान: स्टेटस और पीडीएफ
- गांव संबंधी सरकारी योजनाओं की जानकारी
अस्वीकरण: पोर्टल पते और मेन्यू नाम समय-समय पर अपडेट हो सकते हैं। लिस्ट और किश्त की सटीक स्थिति केवल आधिकारिक .gov.in साइट से जांचें। चयन या भुगतान की गारंटी कोई निजी साइट नहीं दे सकता।
Discover more from Majhi Naukri
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


