आंगनवाड़ी भर्ती सैलरी यानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता और सहायिका को मिलने वाला मानदेय — यह राज्य और केंद्र की नीतियों पर निर्भर करता है। एकीकृत बाल विकास सेवा के तहत यह वेतन नहीं, बल्कि मानदेय होता है, जिसमें समय-समय पर संशोधन किया जाता है। आगे पद के अनुसार भुगतान की संरचना, पैसा खाते में कैसे आता है और रिकॉर्ड कहां देखें — यह सब बिना किसी गलत राशि के दावे के समझाया गया है।
आंगनवाड़ी भर्ती सैलरी — एक नजर में
| पद | भुगतान का प्रकार |
|---|---|
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | राज्य और केंद्र का संयुक्त मानदेय |
| मिनी कार्यकर्ता | छोटे केंद्रों के लिए, कार्यकर्ता से अलग |
| सहायिका | न्यूनतम स्तर का मानदेय |
| भुगतान | आमतौर पर हर महीने बैंक खाते में |
| संशोधन | राज्य सरकार या केंद्र की अधिसूचना से |
मानदेय कैसे तय होता है?
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वेतन की जगह मानदेय मिलता है। इसका एक हिस्सा केंद्र सरकार देती है और दूसरा हिस्सा राज्य सरकार जोड़ती है — यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कुल राशि अलग-अलग हो सकती है। सटीक राशि हर राज्य की वित्तीय अधिसूचना में दी जाती है; यहां रुपये में कोई एक आंकड़ा इसलिए नहीं लिखा जा सकता क्योंकि इसमें संशोधन होते रहते हैं।
पद के अनुसार भुगतान की संरचना
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सबसे अधिक जिम्मेदारी वाला पद है — पोषण, टीकाकरण का रिकॉर्ड और प्री-स्कूल गतिविधियां इन्हीं के जिम्मे होती हैं। मिनी कार्यकर्ता छोटे केंद्रों पर तैनात होती हैं। सहायिका सफाई और भोजन तैयार कराने में मदद करती है। तीनों पदों का मानदेय अलग स्तर का होता है — विस्तृत राशि के लिए अपने राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग की नवीनतम अधिसूचना देखें।

मानदेय खाते में कब और कैसे आता है?
भुगतान आमतौर पर पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी के जरिए आता है। कुछ राज्य भविष्य निधि या बीमा जैसी सुविधाएं भी देते हैं — यह पूरी तरह राज्य की नीति पर निर्भर है। पैसा समय पर न आए तो ब्लॉक या जिला कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर और बैंक खाते का विवरण मिलवाएं, क्योंकि खाते में छोटी-सी गलती से भी भुगतान अटक जाता है।
रिकॉर्ड और भुगतान की स्थिति
कई राज्य अपने ऑनलाइन पोर्टल पर भुगतान की स्थिति दिखाते हैं। कार्यकर्ता को अपने काम का रिकॉर्ड — बच्चों के वजन का रजिस्टर और टीकाकरण चार्ट — सही रखना होता है, क्योंकि जांच में कमी मिलने पर भुगतान रोका जा सकता है।
अन्य लाभ और सुविधाएं
कुछ राज्य कार्यकर्ताओं को वर्दी भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता या अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देते हैं — यह नीति पर निर्भर है और हर राज्य में एक जैसा नहीं होता। भविष्य निधि और उपादान जैसी सुविधाएं भी राज्य के अनुसार अलग-अलग हैं, इसलिए अपने राज्य के आदेश ही देखें।
केंद्र और राज्य का हिस्सा
केंद्र सरकार कार्यकर्ता के मानदेय में एक निश्चित हिस्सा देती है और राज्य अपनी ओर से अतिरिक्त हिस्सा जोड़ता है। जब केंद्र संशोधन करता है, तो राज्य भी अपनी नीति के अनुसार बदलाव कर सकता है। दोनों हिस्सों के योग से कुल मानदेय बनता है — यह बंटवारा कितना है, यह अधिसूचना में देखें।
धोखाधड़ी से बचें
भर्ती कराने या मानदेय बढ़वाने के नाम पर कोई एजेंट पैसे मांगे तो साफ मना कर दें। आंगनवाड़ी पद पर चयन केवल नियमों और मेरिट से होता है — किसी दलाल की गारंटी पूरी तरह फर्जी होती है और आवेदन की प्रक्रिया निःशुल्क या केवल आधिकारिक शुल्क तक सीमित रहती है।
मानदेय में संशोधन कैसे देखें
जब केंद्र या राज्य सरकार मानदेय बढ़ाती है तो उसकी अधिसूचना विभाग के पोर्टल पर आती है। पुरानी दर के हिसाब से भुगतान की उम्मीद न रखें — बैंक विवरण और कार्यालय के रजिस्टर से हर महीने मिलान करें। राशि कम आए तो जिला कार्यालय में लिखित आवेदन दें और उसकी पावती लें; किसी दलाल को “जल्दी पैसा दिलाने” के नाम पर कुछ न दें।
दैनिक काम और भुगतान का संबंध
कार्यकर्ता को बच्चों का वजन, पोषण आहार का वितरण, टीकाकरण का रिकॉर्ड और प्री-स्कूल गतिविधियों का हिसाब रखना होता है। रजिस्टर सही न हो तो जांच में कमी पकड़ी जा सकती है और भुगतान रुक सकता है। इसीलिए रिकॉर्ड रखना सीखना उतना ही जरूरी है जितना मानदेय की जानकारी रखना।
पद छोड़ने पर क्या होता है
कोई कार्यकर्ता पद छोड़ती है तो नया चयन भर्ती प्रक्रिया से ही होता है — किसी को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त कराने का अधिकार नहीं होता। अगर कोई एजेंट जगह दिलाने के नाम पर पैसे मांगे तो इसकी शिकायत जिला कार्यालय में की जा सकती है।
नए चयन के बाद प्रशिक्षण
चयन के बाद अक्सर 3 से 7 दिन का प्रशिक्षण होता है और उसमें उपस्थिति अनिवार्य होती है। प्रशिक्षण के दौरान ही मानदेय शुरू हो जाए या पहले महीने के बाद — यह राज्य की नीति पर निर्भर करता है, इसलिए यहां कोई एक तारीख नहीं लिखी जा सकती।
आधिकारिक वेबसाइट और स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
आंगनवाड़ी भर्ती सैलरी कितनी होती है?
राशि राज्य और पद पर निर्भर करती है — सटीक मानदेय अपने राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग की नवीनतम अधिसूचना में देखें।
क्या यह नियमित सरकारी वेतन है?
नहीं, यह मानदेय है और इसके साथ स्थायी सरकारी कर्मचारी वाला दर्जा नहीं मिलता।
मानदेय किस खाते में आता है?
पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी से — खाते का विवरण कार्यालय में हमेशा अपडेट रखें।
भुगतान न बढ़े तो क्या करें?
जिला कार्यालय या ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी से लिखित शिकायत करें और आधिकारिक रास्ते के अलावा किसी एजेंट को पैसे न दें।
संबंधित लेख
- आंगनवाड़ी भर्ती फॉर्म 2026
- यूपी आंगनवाड़ी भर्ती
- mp आंगनवाड़ी भर्ती किन किन जिलों में है
- आंगनवाड़ी भर्ती 2026: किन-किन जिलों में निकली वैकेंसी?
अस्वीकरण: मानदेय की राशि राज्य और केंद्र की नीति पर निर्भर है। ताजा दर के लिए संबंधित विभाग की अधिसूचना देखें।
Discover more from Majhi Naukri
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
